तिथि: 23 अक्टूबर 2025
दिन: गुरुवार
🌸 परिचय:
भाई दूज का पर्व दीपावली के दो दिन बाद मनाया जाता है। यह भाई और बहन के बीच स्नेह, प्रेम और सुरक्षा के वचन का प्रतीक है।
🌼 कथा:
कथाओं के अनुसार, यमराज अपनी बहन यमी (यमुना) के घर आए थे। यमी ने उनका स्वागत तिलक, आरती और भोजन से किया। यमराज ने प्रसन्न होकर कहा कि इस दिन जो भाई अपनी बहन के घर आएगा, उसे दीर्घायु और सुख प्राप्त होगा। तभी से यह पर्व “यम द्वितीया” या “भाई दूज” कहलाया।
🙏 विधि:
- बहन अपने भाई को तिलक लगाकर आरती करती है।
- भाई बहन को उपहार देता है और उसकी रक्षा का वचन देता है।
- परिवार में मिठाइयाँ बाँटी जाती हैं।
💖 शुभकामनाएँ:
🌹 “भाई दूज के इस पावन अवसर पर सभी भाइयों और बहनों का रिश्ता स्नेह, विश्वास और प्यार से भरा रहे। भगवान आपके जीवन में खुशियाँ बरसाएँ।” 🌹





