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7–8 सितम्बर 2025 को भारत में खग्रास चंद्र ग्रहण

परिचय

भारत में खग्रास चंद्र ग्रहण 7–8 सितम्बर 2025 (भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा, विक्रम संवत 2082) की रात्रि को लगेगा।
यह खगोलीय घटना हिन्दू ज्योतिष और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।

यह ग्रहण कुम्भ राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में होगा, जिसके कारण अलग–अलग राशियों पर शुभ और अशुभ प्रभाव पड़ेगा।


🌕 भारत में चंद्र ग्रहण का समय (IST)

  • ग्रहण स्पर्श: रात 9:58 बजे (7 सितम्बर 2025)
  • ग्रहण प्रवेश: रात 11:01 बजे
  • मध्य ग्रहण: रात 11:43 बजे
  • ग्रहण मोक्ष (निकास): रात 12:23 बजे (8 सितम्बर 2025)
  • ग्रहण समाप्त: रात 1:27 बजे (8 सितम्बर 2025)

कुल अवधि: 3 घंटे 29 मिनट


🕰️ सूतक काल

सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पहले प्रारंभ हो जाता है, यानी 7 सितम्बर को दोपहर 12:58 बजे

  • सूतक काल में सभी शुभ कार्य, पूजन और मंदिर के अनुष्ठान वर्जित होते हैं।
  • मंदिरों के द्वार बंद रहते हैं।
  • बच्चे, वृद्ध और रोगी ग्रहण से 5 घंटे पहले तक सात्विक भोजन कर सकते हैं।
  • ग्रहण के समय मंत्र जप और ध्यान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • ग्रहण समाप्ति के बाद (रात 1:27 बजे) स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और फिर भोजन करें।

🌌 ज्योतिषीय प्रभाव (राशियों पर असर)

ग्रहण पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र और कुम्भ राशि में होगा।

  • अत्यंत अशुभ: पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र जातक, कुम्भ राशि, कुम्भ लग्न
  • शुभ: मेष, वृषभ, कन्या, धनु
  • मध्यम प्रभाव: मिथुन, सिंह, तुला, मकर
  • अशुभ: कर्क, वृश्चिक, मीन

🙏 दान व उपाय (राशि अनुसार)

  • मेष: हरा चारा, पालक या घास का दान करें।
  • वृषभ: मिश्री मंदिर में चढ़ाएं।
  • मिथुन: नमक, हल्दी या आलू का दान करें।
  • कर्क: दूध, चावल, शक्कर का दान करें।
  • सिंह: लाल वस्त्र, तांबे के बर्तन दान करें।
  • कन्या: साबुत मूँग दाल या हरे फल दान करें।
  • तुला: दही या शक्कर का दान करें।
  • वृश्चिक: काला चना, गुड़ श्मशान या पितृ कार्य में दान करें।
  • धनु: पीला वस्त्र, हल्दी या केला मंदिर में चढ़ाएं।
  • मकर: ऊन, कंबल या तेल का दान करें।
  • कुम्भ: तिल, उड़द, लोहे का दान करें, गरीबों को भोजन कराएं।
  • मीन: चावल, चाँदी, जल से भरा कलश दान करें।

📖 महत्वपूर्ण नियम

  • ग्रहण के दौरान पूजा–पाठ और सभी शुभ कार्य वर्जित हैं।
  • मंदिरों के द्वार बंद रहते हैं।
  • ग्रहण काल में गरीबों, पशु–पक्षियों को दान अत्यंत पुण्यकारी होता है।
  • इस समय पितृ तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।

📊 राशियों पर प्रभाव एवं उपाय (संक्षिप्त सारणी)

राशिप्रभावउपाय / दान
मकरशुभऊन, कंबल, तेल
धनुशुभपीला वस्त्र, हल्दी
मिथुनशुभनमक, हल्दी, आलू
वृषभअशुभमिश्री
सिंहअशुभलाल वस्त्र, तांबा
कुम्भअशुभतिल, उड़द, लोहे का दान

🕉️ निष्कर्ष

7–8 सितम्बर 2025 का खग्रास चंद्र ग्रहण केवल खगोलीय घटना ही नहीं, बल्कि गहन आध्यात्मिक महत्व रखता है।
यदि हम दान–पुण्य, उपाय और मंत्रजप करते हैं तो इसके दुष्प्रभाव कम होकर शांति, समृद्धि और आत्मिक बल प्राप्त होता है।

✨ यह पावन समय आत्मचिंतन, भक्ति और दान का विशेष अवसर है।

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