परिचय:
दीपावली के अगले दिन मनाया जाने वाला गोवर्धन पूजा का पर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत की पूजा से जुड़ा हुआ है। यह दिन “अन्नकूट” या “पदवा” के नाम से भी प्रसिद्ध है।
🌾 महत्व:
कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव के अहंकार को दूर करने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाया था और ब्रजवासियों को भारी वर्षा से बचाया था। उसी घटना की स्मृति में गोवर्धन पूजा की जाती है। इस दिन घरों में अन्नकूट (विभिन्न प्रकार के व्यंजन) बनाकर भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाया जाता है।
🙏 पूजा विधि:
- गोबर से गोवर्धन पर्वत का प्रतीक बनाकर उसकी पूजा की जाती है।
- भगवान श्रीकृष्ण, गाय और बछड़ों की आराधना की जाती है।
- अन्नकूट प्रसाद तैयार किया जाता है।
💫 शुभकामनाएँ:
🌼 “गोवर्धन पूजा के इस पावन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण आपके जीवन में खुशियाँ, समृद्धि और शांति प्रदान करें।” 🌼





