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शरद पूर्णिमा 2025: कोजागरी पूर्णिमा का महत्व, पूजा विधि और व्रत कथा

Sharad Purnima 2025| Carzovo

शरद पूर्णिमा 2025 – महत्व, पूजा विधि और धार्मिक मान्यता

शरद पूर्णिमा हिन्दू धर्म के अनुसार वर्ष की सबसे पवित्र पूर्णिमाओं में से एक है। यह दिन अश्विन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, जब चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है। इस वर्ष शरद पूर्णिमा 2025 की तिथि 17 अक्टूबर (शुक्रवार) को मनाई जाएगी।

इस दिन को कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस रात चंद्रमा से अमृत की वर्षा होती है और यह शरीर व मन दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी होती है।


🪔 शरद पूर्णिमा का धार्मिक महत्व (Significance of Sharad Purnima)

शास्त्रों के अनुसार, मां लक्ष्मी इसी दिन पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और जो व्यक्ति इस रात जागरण कर भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की आराधना करता है, उस पर धन और समृद्धि की कृपा होती है।

कृष्ण भक्तों के लिए भी यह दिन विशेष है, क्योंकि कहा जाता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज की गोपियों के साथ रासलीला की थी। इसीलिए इसे रास पूर्णिमा भी कहा जाता है।


🕉️ शरद पूर्णिमा पूजा विधि (Sharad Purnima Puja Vidhi)

  1. इस दिन प्रातः स्नान कर श्वेत वस्त्र धारण करें।
  2. घर के मंदिर को साफ करके भगवान श्रीकृष्ण, देवी लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा करें।
  3. घी का दीपक, धूप, फूल, मिष्ठान, और चावल से पूजा करें।
  4. रात को चंद्रमा के उदय होने के बाद चांदनी में खीर का भोग लगाएं।
  5. खीर को खुले आकाश के नीचे रखें ताकि उसमें चंद्रमा की किरणें पड़ सकें।
  6. परिवार के सभी सदस्य रात्रि जागरण करें और भजन-कीर्तन करें।
  7. सुबह खीर को प्रसाद स्वरूप ग्रहण करें, यह अत्यंत शुभ और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है।

🌝 कोजागरी व्रत कथा (Kojagari Vrat Katha)

एक बार माता लक्ष्मी ने नारायण जी से कहा — “हे प्रभु! मैं उस व्यक्ति के घर नहीं जाती जो आलसी होता है।” तब भगवान विष्णु ने कहा कि जो व्यक्ति शरद पूर्णिमा की रात जागरण करता है, मैं उसे संपन्नता का वरदान देता हूँ। तभी से इस रात को ‘को-जागर्ति?’ (कौन जाग रहा है?) कहा गया, जिससे इसका नाम कोजागरी पूर्णिमा पड़ा।


🌼 वैज्ञानिक और आध्यात्मिक पहलू

वैज्ञानिक दृष्टि से भी शरद पूर्णिमा की रात महत्वपूर्ण है। इस दिन चंद्रमा की किरणों में विशेष औषधीय तत्व होते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। इसीलिए चांदनी में रखी खीर को सेवन करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना गया है।


🌸 शरद पूर्णिमा के दिन क्या करें और क्या न करें

करें:
✅ रात्रि में जागरण करें और भगवान लक्ष्मी-नारायण की पूजा करें।
✅ सफेद वस्त्र धारण करें।
✅ खीर, चावल, और दूध का प्रसाद बनाएं।
✅ चंद्रमा को अर्घ्य दें।

न करें:
❌ क्रोध, झूठ या नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
❌ किसी का अपमान न करें।
❌ अपवित्र वस्त्र या स्थान पर पूजा न करें।


शरद पूर्णिमा 2025 की प्रमुख बातें (Summary)

तत्वजानकारी
तिथि06 October 2025
दिनMonday
प्रमुख देवतालक्ष्मी जी, विष्णु जी, चंद्रदेव
अन्य नामकोजागरी पूर्णिमा, रास पूर्णिमा
मुख्य अनुष्ठानरात्रि जागरण, चंद्रमा को अर्घ्य, खीर भोग

🕊️ निष्कर्ष (Conclusion)

शरद पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह आध्यात्मिक और स्वास्थ्यवर्धक रात है जो शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करती है। इस दिन की गई पूजा, जागरण और दान से न केवल धन की प्राप्ति होती है बल्कि जीवन में शांति और सौभाग्य का भी संचार होता है।

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