भारतीय ज्योतिष में रत्नों को ग्रहों की शांति, जीवन में बाधा दूर करने, स्वास्थ्य, समृद्धि और सफलता के लिए धारण किया जाता है।
माणिक्य (रूबी)
मोती (पर्ल)
मूंगा (कोरल)
पन्ना (एमराल्ड)
पुखराज (येलो सफायर)
नीलम (ब्लू सफायर)
हीरा (डायमंड)
गोमेद (हेसोनाइट)
लहसुनिया (कैट्स आई)
रत्न हमेशा ज्योतिषीय सलाह, शुभ मुहूर्त और उचित विधि से ही धारण करें।
रत्न न केवल प्राकृतिक सौंदर्य और संपत्ति का प्रतीक हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ज्योतिष और चिकित्सा में भी इनका विशेष स्थान है।
सही रत्न का चयन और धारण व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है, बशर्ते इसे योग्य मार्गदर्शन और नियमों के अनुसार अपनाया जाए।