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jyotish vedic karmkand

ज्योतिष

जन्म कुंडली

व्यक्ति के स्वभाव, योग्यता और जीवन की दिशा का आकलन करना।

करियर, विवाह, आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य से जुड़ी संभावित घटनाओं की जानकारी प्राप्त करना।

जीवन में आने वाले शुभ और अशुभ योग (ग्रहों के संयोग) और दशा–महादशा का विश्लेषण करना।

मंगल दोष, नाड़ी दोष, चांडाल दोष, अंगारक दोष, काल सर्प दोष आदि दोषों की पहचान करना
और उनके उपाय समझना — ये सभी बातें जन्म कुंडली के माध्यम से आसानी से जानी जा सकती हैं।

कुंडली मिलान

कुंडली मिलान विवाह से पूर्व की जाने वाली एक अनिवार्य और वैज्ञानिक प्रक्रिया है।
यह दांपत्य जीवन की सफलता, सामंजस्य, संतान और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु एक मार्गदर्शक के रूप में मानी जाती है।
इस प्रक्रिया में भावी वर और वधू की जन्म तिथि, समय और स्थान के आधार पर कुंडली बनाई जाती है और उनका मिलान किया जाता है।

प्रश्न कुंडली

प्रश्न कुंडली ज्योतिष का एक महत्वपूर्ण अंग है, जिसका उपयोग तब किया जाता है जब व्यक्ति को अपनी जन्म तिथि, समय या स्थान की सही जानकारी नहीं होती, या जब किसी विशेष प्रश्न का तुरंत उत्तर चाहिए होता है।
इस विधि में, जिस समय और स्थान पर प्रश्न पूछा जाता है, उस समय की ग्रह-स्थिति के आधार पर कुंडली बनाई जाती है और उसका विश्लेषण किया जाता है।

प्रश्न कुंडली के माध्यम से विवाह, स्वास्थ्य, खोई हुई वस्तु, कानूनी मामले, वित्त, व्यापार आदि से संबंधित तात्कालिक और विशेष प्रश्नों के सटीक उत्तर प्राप्त किए जा सकते हैं।

जब जन्म कुंडली उपलब्ध न हो या उसकी सटीकता को लेकर संदेह हो, तब यह विधि विशेष रूप से प्रभावी होती है।